Apta Kriya (आप्त क्रिया)

 Most Powerful Meditation
Designed for High Quality living
आप्त क्रिया अलग है और पैसा वसूल है
4 Hour Online Workshop

✮✮✮✮ 4.5 / 5 Star Rating

MRP - 2999/-

Deal Price - 999/- (2000 Off)

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आप्त क्रिया का अभ्यास करें और खुद फ़र्क महसूस करें

Sunday Batch


7 PM to 11 PM (on Google Meet)

Workshop Language


Hindi

Support


After Workshop

Legal Warning – Apta Kriya is protected under the Indian Copyright Act. Therefore teaching of Apta Kriya without permission is prohibited.

 कपिल आर्य की प्रस्तुति

सांसारिक समृद्धि और ऐश्वर्य के लिए

Arthamedha

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Available on Amazon

आंतरिक समृद्धि और ऐश्वर्य के लिए

Apta Kriya

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Available Here

How dangerous are Loneliness, Depression & Anxiety?

बीमार बनाता है


खुशहाली को छीन लेता है


उन्नति को रोक देता है


Apta Kriya is Designed to Kill Loneliness, Depression & Anxiety

अधिकांश लोग आंतरिक ऐश्वर्य जैसे कि प्रेम, खुशी, उमंग, सकारात्मकता, शांति, संतुष्टि, पूर्णता और निश्चिंतता को पाने के लिए दौड़ते हैं| पर एक समय बाद वे हताश और निराश हो जाते हैं, कि वे जीवन में आंतरिक दरिद्रता जैसे कि दुख, पीड़ा, डर, चिंता, तनाव, उदासी, हताशा, निराशा, उत्तेजना, चिड़चिड़ापन, नकारात्मकता, अकेलापन, अधूरापन, खालीपन, असंतुष्टि और अनिश्चितता के सिवाय कुछ हासिल नहीं कर पाये हैं| वे अपने आंतरिक दुखो को जानते हैं, समझते हैं और अनुभव करते हैं| पर इन दुखो को स्वीकार करके इनके साथ जीने, मन को बहलाने और स्मार्टली खुद को धोखा देने के अलावा उनके पास कोई ठीक समाधान नहीं होता| खुद को बहुत समझाने और मन बहलाने के बाद भी उनका जीवन उन्हे एक हादसा और त्रासदी जैसा महसूस होता है| क्योंकि आंतरिक ऐश्वर्य को प्राप्त करने का उनके पास सही ज्ञान नहीं होता| जिसके अभाव में वे आंतरिक ऐश्वर्य से वंचित रह जाते हैं और जीवन को दुखों का घर बना लेते हैं| क्योंकि आप वही जानते हैं जो आप जानते हैं, आप वो नहीं जानते जो आप नहीं जानते, और जो आप नहीं जानते आंतरिक ऐश्वर्य को प्राप्त करने में आपकी वही सबसे बड़ी बाधा बन जाता है| इसलिए आंतरिक ऐश्वर्य को प्राप्त करने के लिए आपको वह जानना होगा जो आप नहीं जानते| इसी समस्या के समाधान के लिए अर्थमेधा किताब के लेखक कपिल आर्य ने एक विशेष प्रकार के ध्यान को डिज़ाइन किया है| जिससे आप अपनी आंतरिक दरिद्रता को खत्म करके तेजी से और सरलता से आंतरिक ऐश्वर्य को प्राप्त कर सकते हैं| आंतरिक ऐश्वर्य को प्राप्त कराने वाली क्रिया का नाम ही आप्त क्रिया है| आप्त क्रिया की सबसे बड़ी विशेषता यही है कि आप्त क्रिया को आपकी समस्या के समाधान के लिए डिज़ाइन किया गया है| इसलिए आप्त क्रिया दूसरों से अलग है|

भ्रम को ज्ञान और झूठ को सत्य समझ बैठने वाले सुख से वंचित हो जाते हैं – कपिल आर्य

Who Should Practice Apta Kriya?

Loneliness and Sadness

यदि आप भीड़ में भी खुद को अकेला महसूस करते हैं| क्योंकि आपको प्रेम करने वाला, समझने वाला, पूर्णता से अपनाने वाला, हमेशा साथ देने वाला, कोई आपका अपना, कोई ऐसा जिसके लिए आप और आपकी खुशी महत्वपूर्ण हो, कोई ऐसा जो भरोसेमंद हो, पर आपको अपने जीवन में ऐसा कोई दिखाई नही देता| इस मतलबी और धोखेबाज दुनिया में आप किसी से उम्मीद या किसी पर भरोसा नहीं कर पाते| जिस कारण आप लोगो से बचते हैं, रिश्ते में जाने से डरते हैं और खुद को खुद में समेटते रहते हैं| पर आंतरिक रूप से आप अकेलेपन को स्वीकार करके इसके साथ जीने, खुद को व्यस्त रखने और अलग अलग ढंग से मन को बहलाने के बाद भी प्रेम का अभाव, अकेलापन, अधूरापन, खालीपन, उदासी और मायूसी को महसूस करते हैं| जिससे आप बाहर से खुश दिखते हो पर अंदर ही अंदर घुटते हो, रोते हो, धीरे धीरे खत्म हो रहे हो, अंदर से बुझ गए हो, हताशा और निराशा ने आपको जकड़ लिया है, और जीवन आपको कठिन और क्रूर महसूस होता है| तो आप्त क्रिया को विशेषतौर पर आपके लिए ही डिज़ाइन किया गया है| जिसके निरंतर अभ्यास से आप अपनी समस्या से पूरी तरह छुटकारा पा लेंगे| और आप प्रेम, खुशी, उमंग, संतुष्टि और पूर्णता का अहसास कर पाएगे|

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Fear and Doubt

जिससे आपको प्रेम हैं वो आपके जीवन में हैं पर हर तरह से अपने प्रेम की रक्षा करने के बाद भी आपको उसे खोने से डर लगा रहता है और आपको यह चिंता सताती है कि कहीं वह आपको छोड़ ना दें, आपको धोखा ना दे दे, बदल ना जाए, आपका विश्वास और उम्मीद तोड़ ना दे या कोई उसे आपसे चुरा ना ले जाए| इस अविश्वास, डर और चिंता ने आपको प्रेमपूर्ण बनने की बजाय शंकालु चौकीदार बना दिया है| तो आप्त क्रिया को विशेषतौर पर आपके लिए ही डिज़ाइन किया गया है| जिसके निरंतर अभ्यास से आपके डर, चिंता और अविश्वास खत्म हो जाएगा और आप प्रेम में शांति और निश्चिंतता का अहसास कर पाएगे|

Pain, Depression and Anxiety

यदि सच्चा प्रेम करने और अपनी तरफ से सब कुछ झोंकने के बाद भी आपको प्रेम में धोखा मिला है| आपके दिल और भावनाओ से खेला गया है, आपका इस्तेमाल किया गया है, आपके भरोसे को तोड़ा गया है| काफी मिन्नतों के बाद भी आपको रोते गिड़गिड़ाते दुख में छोड़ दिया गया है| जिससे आप दर्द और वेदना में बिन पानी की मछ्ली की तरह तड़प रहें हैं| आपने जितनी प्रबलता से प्रेम किया था उतनी ही प्रबलता से आपका दिल टूटा है| प्रेम आपको अपराध जैसा महसूस होता है जिससे आपका प्रेम और लोगो से भरोसा उठ गया है| तीव्र वेदना से आपका अस्तित्व अंदर से हिल सा गया है| आप मृत्यु जैसे दुख को अनुभव कर रहे हैं| आपने खुद को खो दिया है| दर्द में आँसुओ ने आपकी आंखो से छलकना शुरू कर दिया है| आप ना तो खुद को संभाल पा रहे हैं और ना ही आप इससे उबर पा रहे हैं| आपको लगता है कि ये दर्द आपकी जान ले लेगा| आप जी नहीं पा रहे हैं और खुद को जिंदा लाश जैसा अनुभव करते हैं| अपने दिल के दरवाजे बंद करके खुद को खुद में समेटते जा रहे हैं| अथवा किसी भी अच्छे या बुरे कारण से आप अपने साथी से बिछड़ गए हैं| और आप अपने बिछड़े हुए साथी को याद करते हैं, उसकी कमी महसूस करते हैं, उसकी यादों में तड़पते हैं, रोते हैं और दुखी होते हैं| काफी कोशिशों के बाद भी आप अपने साथी और उससे जुड़ी यादों को भुला नहीं पा रहे हैं| जिस कारण आप चाहकर भी आगे नहीं बढ़ पा रहे हैं| तो आप्त क्रिया को विशेषतौर पर आपके लिए ही डिज़ाइन किया गया है| जिसके निरंतर अभ्यास से आपको आपके दर्द और पीड़ा से पूरी तरह छुटकारा मिल जाएगा| प्रेम, खुशी, पूर्णता, संतुष्टि, निश्चिंतता और उमंग से रंगा आपका जीवन आपको वापस मिल जाएगा|

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Boredom and Dissatisfaction

आप ऐसे रिश्ते में हैं जिसमे आपको पूरी तरह से ना तो अपनाया जा रहा है और ना पूरी तरह से छोड़ा जा रहा है बल्कि आपको एक ऑप्शन की तरह देखा जा रहा है| जिससे आपके जीवन से सुकून गायब है| इससे आप ना तो आगे बढ़ पा रहे हैं और ना इसे खत्म कर पा रहे हैं| अथवा आप ऐसे रिश्ते में हैं जिसमे आपको प्रेम में कमी महसूस होती है, उबाऊ महसूस होता है, रिश्ते में ताजगी नहीं है, आपका महत्व नहीं है, आपका सम्मान नहीं है, आपकी परवाह नही, आपके लिए समय नहीं है, आपको समझा नहीं जाता, शिकायतें लगातार बढ़ रही है और पहले जैसी बात नहीं रही, ऐसा महसूस होता है| अच्छा होने की उम्मीद और विश्वास कम हो रहा है और आपसी झगड़ा और मनमुटाव बढ़ रहा है| रिश्ता बोझ सा लगने लगा है जिसे ढोना आपकी मजबूरी बन गया है| जिससे आपका मन दुखी, परेशान, खिन्न और असंतुष्ट रहता है| आपका मन दूसरों की तरफ आकर्षित होता है| यदि आप रिश्ते से बाहर बेहतर प्रेम की तलाश करते हैं तो रिश्ता खराब होता है और यदि ऐसा नहीं करते हैं तो प्रेम की कमी, आंतरिक परेशानी, कुढ़न और असंतुष्टि महसूस होती है| तो आप्त क्रिया को विशेषतौर पर आपके लिए ही डिज़ाइन किया गया है| जिसका निरंतर अभ्यास आपकी आंतरिक परेशानी को दूर करके आपके जीवन को प्रेम, खुशी, शांति, ताजगी और संतुष्टि से भर देगा|

Top Reasons Why You Should Practice Apta Kriya?

  • यदि आप यह महसूस करते हैं कि आध्यात्मिक गुरुओ के द्वारा ज्ञान के नाम पर गोल गोल, अस्पष्ट, अतार्किक और विरोधाभासी बातें की जाती हैं| जिन्हे समझना और व्यवहार में उतारना आपके लिए मुश्किल होता है| उनके ज्ञान को पढ़ने सुनने से आपका मानसिक मनोरंजन तो हो जाता हैं पर बहुत मेहनत के बाद भी हाथ कुछ खास नहीं आता| बहुत कुछ पढ़ने सुनने के बाद भी सत्य आपके लिए रहस्यमय बना हुआ है जिससे आपका दिमाग अभी तक भी शांत, स्पष्ट और संतुष्ट नहीं है| आप अभी तक भी उससे वंचित हैं जिसकी आपको उम्मीद अथवा तलाश हैं| आध्यात्मिक ज्ञान को पढ़कर सुनकर आप लेक्चरार तो बन गए हैं पर बौद्धिक रूप से आप उलझन, कंफ्यूजन और परेशानी को महसूस करते हैं तथा अनुभव जनित आंतरिक ऐश्वर्य (खुशी, शांति, उमंग, पूर्णता, संतुष्टि और निश्चिंतता) से कोसो दूर हैं| तो आप्त क्रिया का निरंतर अभ्यास आपकी बौद्धिक अस्पष्टता, उलझन, कंफ्यूजन और परेशानी को दूर करके आंतरिक ऐश्वर्य की प्राप्ति कराएगा| जिससे आपके लिए आंतरिक परिवर्तन करना और आध्यात्मिक प्रगति करना आसान हो जाएगा|
  • बिना ज्ञान के ध्यान मूर्खो का मनोरंजन है| जिससे वर्षो और दशकों तक भी ध्यान करने के बाद हाथ कुछ ज्यादा खास नहीं आता| आप्त क्रिया के अभ्यास से जल्दी परिणाम आता है जिससे कम समय में ही आंतरिक खुशी और संतुष्टि प्राप्त हो जाती है|
  • यदि सांसारिक जीवन में दुख मिलने पर आपके मन में आध्यात्मिक कामना उठ जाती है| और आध्यात्मिक जीवन जीने पर मन में सांसारिक कामनाएं उठ जाती हैं। जिससे आप दुविधा में बीच में ही अटक जाते हैं। जिस कारण आप ना तो संसार में ही आगे बढ़ पाते हैं और ना ही अध्यात्म में आगे बढ़ पाते हैं। तो आप्त क्रिया का अभ्यास दुविधा को नष्ट करता है| जिससे आप संसार और अध्यात्म दोनो को आसानी से एक साथ लेकर चल पाएगे| जिस कारण आपको सांसारिक और आध्यात्मिक दोनो सुख प्राप्त हो जाएगे|
  • लोग तन को छू लेते हैं पर मन और आत्मा को नहीं छू पाते| मन और आत्मा के अनछुआ रह जाने से मन को संतुष्टि और दिल को सुकून नहीं मिलता| आपको प्रेम में चाहे कितने भी अच्छे या बुरे अनुभव क्यों ना हुए हो| पर आप्त क्रिया के निरंतर अभ्यास से आप उस प्रेम को जीवन में पहली बार अनुभव कर पाएगे| जिस प्रेम की तलाश आपकी आत्मा को है पर आप उससे अब तक वंचित हैं|
  • अकेले रहने और खुद से प्रेम करने से मन बहल जाता है पर दिल को सुकून नहीं मिलता| इसलिए आप्त क्रिया का निरंतर अभ्यास पूर्ण प्रेम, पूर्ण खुशी, पूर्ण शांति, पूर्ण संतुष्टि और पूर्ण निश्चिंतता का अहसास कराता है|
  • आमतौर पर प्रेम कभी मिल जाता है और कभी नहीं मिलता| इसलिए आप्त क्रिया का निरंतर अभ्यास आपको प्रेम में निरंतरता का अहसास कराता है|
  • आमतौर पर हर किसी को दूसरों से प्रेम मिलता नहीं और अकेला रहा नहीं जाता| इसलिए आप्त क्रिया का निरंतर अभ्यास आपको प्रेम में आत्मनिर्भर बनाता है| और दूसरों पर आपकी निर्भरता को कम करता है|
  • वर्तमान में रिश्ते जुए जैसे हो गए हैं, चल गए तो चल गए और नहीं चले तो नहीं चले| इसलिए आप्त क्रिया का निरंतर अभ्यास प्रेम और रिश्तो से निराश लोगो के लिए संजीवनी का काम करता है|
  • आप्त क्रिया का निरंतर अभ्यास आपके रिश्ते को जीवंत, प्रेमपूर्ण, खूबसूरत, भरोसेमंद और मजबूत बनाता है|
  • आप्त क्रिया का निरंतर अभ्यास आपको मानसिक और भावनात्मक रूप से शांत, स्थिर, मजबूत और आत्मनिर्भर बनाता है|
  • खुशी और संतुष्टि के लिए नशा, मनोरंजन और शौक आदि के माध्यम से सांसारिक साधनों पर निर्भरता बढ़ जाती है| जिससे अनावश्यक खर्चे और मेहनत भी बढ़ जाती है| जिस कारण इंसान की ज़िंदगी गधे जैसी बन जाती है| आप्त क्रिया के अभ्यास से आंतरिक खुशी और संतुष्टि प्राप्त होती है| जिससे नशा, मनोरंजन, शौक आदि सांसारिक साधनों पर निर्भरता में कमी आती है। जिस कारण अनावश्यक खर्चे और मेहनत में कमी आती है| जिससे जिंदगी खुशहाल बन जाती है।
  • आप्त क्रिया सरल है, सहज है, स्पष्ट है, स्वाभाविक है, रुचिकर है और पंथ निरपेक्ष है| जिसके अभ्यास में अस्पष्टता, दुविधा, द्वंद, बोरियत, हानि और डर जैसी नकारात्मक भावना का अनुभव नहीं होता|
  • आंतरिक ऐश्वर्य (स्पष्टता, प्रेम, खुशी, उमंग, शांति, संतुष्टि, पूर्णता और निश्चिंतता) मूलभूत आवश्यकता है जिनके अभाव में जीवन व्यर्थ है| इसलिए अगर आपने आप्त क्रिया का अभ्यास नहीं किया तो आपका जीवन आंतरिक रूप से दरिद्र (अस्पष्ट, बेजान, नीरस, एकाकी, दुखी और असंतुष्ट) ही रह जाएगा|

आप्त क्रिया निश्चित तौर पर काम करती है पर आपके लिए किसी काम की नहीं

  • यदि आप वर्कशॉप में अंत तक भाग लेने का धैर्य नहीं रख सकते|
  • यदि आप सत्य को सत्य के रूप में ना देखकर अपनी सोच, विश्वास और मान्यता के चश्मे से देखते हैं|
  • यदि आप स्वतंत्र बुद्धि के स्वामी नहीं है अर्थात आपने अपनी बुद्धि किसी के पास गिरवी रखी हुई है|
  • यदि आप भ्रम को ज्ञान और झूठ को अंतिम सत्य समझ बैठे हैं और उसमे परिवर्तन नहीं करना चाहते|
  • यदि आप सत्य को स्वीकार नहीं कर पाते और उसमे श्रद्धा नहीं रख पाते|
  • यदि आपको जो बताया जाता है उसे आप व्यवहार में उतारने के इच्छुक नहीं है|
  • यदि आप आप्त क्रिया का अभ्यास इसकी विधि के अनुसार नहीं करते हैं|
  • यदि आप आप्त क्रिया का अभ्यास पूरे मन और भावना से नहीं कर सकते|
  • यदि आप परिणाम आने तक आप्त क्रिया का अभ्यास निरंतरता से नहीं करते|

✮✮✮  Reviews & Ratings  ✮✮✮

जैसे मिठाई की मिठास का अनुभव स्वयं खाने के बाद ही किया जा सकता है, किसी दूसरे के द्वारा मिठाई खाई जाने से उसकी मिठास का अनुभव आप नहीं कर सकते| वैसे ही आप्त क्रिया की मिठास का अनुभव भी इसका अभ्यास करने के बाद स्वयं ही किया जा सकता है| और उसके बाद आप निश्चित तौर पर आप्त क्रिया के फैन बन जाएगे| इसलिए आप्त क्रिया का अभ्यास स्वयं करें और खुद फ़र्क महसूस करें| फिर भी अगर आप दूसरे के अनुभव को भी महत्व देते हैं तो आप नीचे दूसरे लोगो के अनुभव को रिवियू में पढ़ सकते हैं|